16 साल में AIIMS, 22 में IAS, फिर छोड़ दी नौकरी! 🔥 डॉ. रोमन सैनी की कहानी जिसने सिस्टम हिला दिया
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान AIIMS का डॉक्टर, फिर IAS अधिकारी और उसके बाद सब कुछ छोड़कर स्टार्टअप किंग बन सकता है? 🤯
डॉ. रोमन सैनी की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए है जो अंदर से कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन डर, समाज और "सेफ करियर" की दीवार उन्हें रोक लेती है। यह सिर्फ सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हिम्मत, जोखिम और विज़न की कहानी है। उन्होंने न सिर्फ इस सोच को तोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि अगर उद्देश्य बड़ा हो, तो जोखिम उठाना ही असली सफलता की पहली सीढ़ी बनता है। डॉक्टर, IAS अधिकारी और फिर भारत के सबसे बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म Unacademy के को-फाउंडर बनने तक का उनका सफर असाधारण, साहसिक और प्रेरणादायक है।
🔥 बचपन से ही अलग थे रोमन सैनी: जीनियस या जुनूनी?
डॉ. रोमन सैनी का जन्म राजस्थान में हुआ। बचपन से ही पढ़ाई में उनकी गहरी रुचि थी। वे उन छात्रों में से थे जो सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि विषय को समझने के लिए पढ़ते थे। यही वजह थी कि कम उम्र में ही उन्होंने ऐसी उपलब्धियां हासिल कर लीं, जिनके बारे में ज़्यादातर छात्र सिर्फ सपना देखते हैं।
16 साल की उम्र में AIIMS में चयन
भारत के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान AIIMS, दिल्ली में दाखिला पाना आज भी लाखों छात्रों का सपना है। लेकिन रोमन सैनी ने यह सपना महज़ 16 साल की उम्र में पूरा कर लिया। यह उपलब्धि अपने आप में बताती है कि उनकी अकादमिक क्षमता कितनी असाधारण थी।
21 साल में बने MBBS डॉक्टर
AIIMS से पढ़ाई करते हुए उन्होंने न सिर्फ मेडिकल नॉलेज हासिल किया, बल्कि अनुशासन, समर्पण और समाज के प्रति ज़िम्मेदारी भी सीखी। महज़ 21 साल की उम्र में MBBS पूरा कर वे एक योग्य डॉक्टर बन चुके थे।
यहां तक पहुंचने के बाद ज़्यादातर लोग एक सुरक्षित और सम्मानजनक मेडिकल करियर चुन लेते हैं, लेकिन रोमन सैनी की सोच इससे कहीं आगे थी।
😱 डॉक्टर बनने के बाद IAS? यहाँ से कहानी ने यू-टर्न लिया
डॉक्टर बनने के बाद रोमन सैनी को यह एहसास हुआ कि अगर उन्हें समाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाना है, तो इसके लिए प्रशासनिक ताकत और नीति-निर्माण में भागीदारी ज़रूरी है। यहीं से उनके जीवन ने एक नया मोड़ लिया।
UPSC की तैयारी और पहली ही बार में सफलता
भारत की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा को पास करना आसान नहीं होता। लाखों उम्मीदवार हर साल इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिलती है।
रोमन सैनी ने:
- 2013 में UPSC परीक्षा दी
- पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की
- All India Rank 18 (AIR 18) प्राप्त की
यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे युवा IAS अधिकारियों में शामिल कर देती है।
IAS अधिकारी के रूप में भूमिका
UPSC पास करने के बाद उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला और वे Assistant Collector के पद पर तैनात हुए। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने ज़मीनी स्तर पर काम किया और देखा कि कैसे नीतियां लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित करती हैं।
हालांकि, इस सम्मानजनक पद पर रहते हुए भी उनके मन में एक सवाल लगातार उठता रहा—
क्या बदलाव का इससे भी बड़ा तरीका हो सकता है?
💥 IAS की कुर्सी छोड़ी, पूरा देश हैरान रह गया
जहां एक तरफ IAS की नौकरी देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरियों में गिनी जाती है, वहीं दूसरी तरफ इसे छोड़ना लगभग असंभव माना जाता है। लेकिन रोमन सैनी ने वही किया जो बहुत कम लोग करने का साहस जुटा पाते हैं।
2016: एक ऐतिहासिक फैसला
2016 में, मात्र कुछ साल सेवा देने के बाद, उन्होंने अपनी IAS नौकरी से इस्तीफा दे दिया। यह फैसला उनके परिवार, दोस्तों और समाज के लिए चौंकाने वाला था।
उनका मानना था कि:
- शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है
- सही शिक्षा लाखों ज़िंदगियां बदल सकती है
- टेक्नोलॉजी के ज़रिए शिक्षा को हर छात्र तक पहुंचाया जा सकता है
🚀 एक यूट्यूब चैनल से अरबों की एडटेक कंपनी तक: Unacademy की असली ग्रोथ स्टोरी
Unacademy की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। यह साबित करती है कि अगर आइडिया दमदार हो और मकसद सही, तो साधारण शुरुआत भी असाधारण मुकाम तक पहुँच सकती है।
📌 शुरुआत: जब शिक्षा सिर्फ एक मिशन थी
Unacademy की शुरुआत एक साधारण YouTube चैनल के रूप में हुई, जहाँ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े वीडियो मुफ्त में डाले जाते थे। उस समय उद्देश्य पैसा कमाना नहीं, बल्कि उन छात्रों तक सही गाइडेंस पहुँचाना था जो महंगे कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं उठा सकते थे।
डॉ. रोमन सैनी ने महसूस किया कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ सही दिशा और किफायती शिक्षा की। यही सोच Unacademy की नींव बनी।
समय के साथ Unacademy सिर्फ एक एजुकेशनल प्लेटफॉर्म नहीं रहा, बल्कि यह एक learning movement बन गया। यहाँ:
- UPSC, NEET, JEE, SSC, Banking जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाने लगी
- टॉप एजुकेटर्स को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया
- लाइव क्लासेस, रिकॉर्डेड लेक्चर और टेस्ट सीरीज़ शुरू की गईं
इस मॉडल ने Unacademy को छात्रों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय बना दिया।
💰 अरबों की वैल्यूएशन तक का सफर
आज Unacademy भारत की सबसे बड़ी EdTech कंपनियों में से एक है, जिसकी वैल्यूएशन अरबों में आंकी जाती है। लाखों छात्र हर साल इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपने सपनों की तैयारी कर रहे हैं।
डॉ. रोमन सैनी की भूमिका यहाँ सिर्फ को-फाउंडर की नहीं रही, बल्कि एक ऐसे विज़नरी की रही जिसने शिक्षा को बिज़नेस नहीं, बल्कि देश-निर्माण का ज़रिया माना।
🔑 SEO Focus Keywords
Unacademy success story, Roman Saini Unacademy, Indian EdTech startup, YouTube se startup, online education platform India
प्रमुख उपलब्धियाँ (Highlights)
| क्षेत्र | उपलब्धि |
|---|---|
| शिक्षा | AIIMS से MBBS |
| सिविल सेवा | IAS (AIR 18) |
| स्टार्टअप | Co-founder, Unacademy |
| प्रभाव | लाखों छात्रों तक किफायती शिक्षा |
युवाओं के लिए सीख: रोमन सैनी से क्या सीखें?
डॉ. रोमन सैनी की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि सही समय पर सही जोखिम लेने की भी है। उनसे हमें कई अहम सीख मिलती हैं:
1. करियर बदला जा सकता है
अगर आप अपने वर्तमान करियर से संतुष्ट नहीं हैं, तो बदलाव संभव है। उम्र या समाज की सोच आपको रोक नहीं सकती।
2. उद्देश्य बड़ा हो तो डर छोटा हो जाता है
जब लक्ष्य सिर्फ पैसा या पद नहीं, बल्कि समाज में बदलाव हो, तो डर अपने आप कम हो जाता है।
3. शिक्षा सबसे बड़ी ताकत है
रोमन सैनी ने साबित किया कि शिक्षा के ज़रिए देश की तस्वीर बदली जा सकती है।
🔚 निष्कर्ष: अगर ये कर सकते हैं, तो आप क्यों नहीं?
डॉ. रोमन सैनी की कहानी इस बात का प्रमाण है कि ज़िंदगी में एक नहीं, कई बार नई शुरुआत की जा सकती है। डॉक्टर से IAS और फिर एडटेक उद्यमी बनने तक का उनका सफर हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो कुछ अलग करना चाहता है।
IAS और डॉक्टर जैसे सुरक्षित करियर छोड़कर उन्होंने जोखिम चुना, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य बेहतर बनाया जा सके। यही वजह है कि आज वे सिर्फ एक सफल व्यक्ति नहीं, बल्कि एक प्रेरणा हैं।
अगर यह कहानी आपके दिल को छू गई हो, तो इसे ज़रूर शेयर करें उस दोस्त के साथ जो आज भी कहता है—
"अब बहुत देर हो गई है।"
क्योंकि रोमन सैनी की कहानी यही साबित करती है—
देर कभी नहीं होती, अगर इरादा पक्का हो। 💯🔥
अगर आपको मेरा यह ब्लॉग पसंद आया हो, तो कृपया इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ ज़रूर शेयर करें। धन्यवाद।🙏🙏🙏


0 Comments